Sunday, April 10, 2016

prithviraj Chouhan or chahman Kshatriya Rajputs they are not gujjar or Gurjar

~~कृपया सभी लोग इस को जरूर पढ़े~~


जैसा की सभी को पता है की विदेशी गूँजरो के द्वारा क्षत्रिय राजपूतों के इतिहास को अपना बनाने का अभियान चलाया जा रहा हैँ। ये लोग प्रतिहार/परिहार, तंवर, सोलंकी, चौहान जैसे सभी राजपूत वंशो को गूजर साबित करने की कोशिश कर रहे हैं। यहाँ तक की ये अब महाराणा प्रताप और पृथ्वीराज चौहान को भी गूजर साबित करने की कोशिश कर रहे हैँ। इसी कड़ी में पृथ्वीराज चौहान को गूजर साबित करने के लिए एक नया शिगूफा इन्होंने छोड़ा हैँ। इसे यहाँ पर पढ़े-
https://m.facebook.com/story.php…
गूजरो में चौहान लगाने वाले उत्तर प्रदेश के शामली जिले में और हरयाणा के करनाल में मिलते है। ये लोग राजपूत राजा राणा हर राय चौहान जी की गूजरी रखैल की सन्तान हैँ जिसके बारे में खुद इनके बुजुर्ग बताते थे। इन्हें कलसलान गूजर भी कहा जाता हैँ। ये पहले चौहान नही लगाते थे लेकिन अब लगाने लगे हैँ। इनके बुजुर्ग खुद अंग्रेज़ो को ये बता के गए थे की ये राजपूतों की नाजायज़ औलाद है और करनाल और मुजफ्फरनगर district gazetteers में ये साफ़ साफ़ लिखा है, और भी कई किताबो में इस पर लिखा हुआ है।
इन मुट्ठीभर चौहान गूजरो के दम पर ही गूजर चौहान वंश को गूजरो का वंश और पृथ्वीराज चौहान को गूजर साबित करने की कोशिश कर रहे हैँ। इन भैंस चोरों ने जो नई theory गढ़ी है उसके अनुसार राणा हर राय चौहान पृथ्वीराज के भाई थे और उनके वंशज कैराना में आकर बसे जो आज चौहान गूजर हैँ और जो राजपूत चौहान है वो गोले है। इन गधों को इतना नहीँ मालूम कि राणा हर राय पृथ्वीराज चौहान से भी 200 साल पहले हुए थे, जो नीमराणा से उत्तरी हरयाणा आए थे और पृथ्वीराज के भाई का नाम हरिराज था जिन्होंने अजमेर में गौरी से लड़ते हुए अपने पूरे परिवार के साथ जान दे दी थी। उनका कोई वंशज नही था। पृथ्वीराज का वंश गोविन्दराज से चला जिन्होंने रणथम्भोर में राज्य स्थापित किया।
ये सब बाते बताकर किसी को नीचा दिखाने का हमें कोई शौक नहीँ हैँ लेकिन इन गूँजरो ने हमें बहस के दौरान चुनौती दी है की ये 2 साल के अंदर पृथ्वीराज चौहान को गूजर साबित कर के दिखाएंगे। इसके जवाब में हमने भी चुनौती दी है की तुम तो कभी पृथ्वीराज को गूजर साबित नहीँ कर पाओगे लेकिन अब हम इन कलसलान गूजरों के चौहान राजपूतों की रखैल की सन्तान होने की बात सबूतों के साथ हर व्यक्ति तक जरूर पंहुचा देंगे।
इसलिये इस msg को ज्यादा से ज्यादा फैला दो जिससे इन दूधियों की असलियत दुनिया को पता चले।
करनाल gazetteer का लिंक यहाँ है-http://revenueharyana.gov.in/html/mainchild/gazetteers.htm
मुजफ्फरनगर gazetteer के लिये लिंक-http://www.muzaffarnagar.nic.in/CHAPTER%20III.HTM

1 comment:

  1. Sorry Akash Maine aapk kuch Aur post b padhe per mjhe kuch post se laga k aapko sahi jaankari h.... ek Research scholar Aur content analyst Google ... m yahan aapko clear kar deta hu k Prithviraj Chauhan k Pita Someshwar jo kee sare pramaan Aur itihaskaaron k gehan adhyyan k baad pata chalta h k wo Gurjar Caste se the... unki isi kadi se pata chalta h k Prithviraj chauhan Gurjar Caste se sambhandit h.... Shakambhari jo kee ab Sambhar k naam se jana jata h ... Wahan Gurjar Chauhan gotra k gurjar h jo kee Angreji Sarkar m Bahut hee satay Gaye Aur unhe tadipar kark dekhte hee goli maarne ka aadesh tha... Aur jo itihaas aaj hamare samne h WO bahut hee brahmit tareek se (Manipulated way) Gurjaron ki upeksha kark likha gaya h ... magar qki ab Google jasi parties emerged hui h jo ki kisi ki pakshdhar nahi h .... Aur haamari content/editor Analyst team ne saari pukhta jaankariyon k baad pata lagaya h k bahut hee pracheen Bhasha sirf Gurjari hi h Aur iss kadi m agar ek baad ek peeche chalte jayenge to Prithviraj Chauhan k Pita Someswar Gurjar hee the aur Prithviraj Raj Chauhan ka Janam aaj k Gurjarat m hua tha.... Gurjarat kee Seema pehle Pakistan k antim bhag aur pore Uttar Bharat Aur kuch kuch Dakshin Aur poorva k ilakon tak thi jise Gurjargadh(Gurjargarh) bhi kaha jata tha.ye b sach h k Gurjaron n hee apne naam per Gir k jangalon ka naam rakhwaya tha jiska matlab kaha jata tha Sheron k rehne ki jagah..... in sabdawaliyon ko Angrejo n Gurjaron kee upeksha kark padhe jaane wale itihaas se hatwa diya.isi Karan peeche gayi hui 150 saalon ki peedhi ko brahmit jaankaari h.

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